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Saturday, May 28, 2011

‘कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौरे ज़मां हमारा‘ _

आज डा. आशुतोष शुक्ला जी की पोस्ट पढ़ी। उन्हें राष्ट्रवादियों के प्रिय मशग़ले में व्यस्त पाया।
वही पाकिस्तान की बातें।
क़सम से हमें तो पाकिस्तान याद भी न आए अगर ये लोग बार-बार न बताएं।
बस ख़ाली-पिल्ली बैठे हुए डर रहे हैं पाकिस्तान से और दूसरों को डरा भी रहे हैं कि यह हो जाएगा और वह हो जाएगा।

http://seedhikharibaat.blogspot.com/2011/05/blog-post_29.html?showComment=1306646899683#c1451670918083948865

हमने उनसे कहा कि

मियां शुभ शुभ बोलो, फ़ालतू की दहशत न फैलाओ और हमारे ब्लॉग पर आओ, शांति और ख़ुशी का ख़ज़ाना पाओ। आने वाला समय हमारा है। किसी की साज़िश भारत का कुछ बिगाड़ नहीं सकती अगर हम और आप आपस में मज़बूत हैं और एक-दूसरे से संतुष्ट हैं। अमेरिका को उसके नागरिक ही ले डूबेंगे। वे गे बनेंगे या ऐसे ही किसी के साथ रहेंगे। मज़े की ख़ातिर बच्चे वे पैदा करते नहीं। बच्चे हमारे यहां हैं। वे हमसे बच्चे मंगाएंगे और अपने देश की कुर्सियों पर बिठाएंगे और बिठा भी रहे हैं। पाक परमाणु बम बनाए तो बनाए हमारे पास प्रेम की शक्ति है। हम अपनी बीवियों से प्यार करेंगे। प्यार के फूल खिलेंगे तो वे बच्चे बनकर धरती पर फैलेंगे। जो फैलता है वह कभी मिटता ही नहीं। पाकिस्तान ख़ुद हमारा ही बच्चा है और अफ़ग़ानिस्तान भी अपना ही पुराना हिस्सा है। ईरान भी अपना ही है। सारा इलाक़ा अपना है, बस ढंग से बात करने की ज़रूरत है। सारे इलाक़े में अपने ही बच्चे आबाद हैं, किस पर कौन बम गिराएगा ?
वहम है सब और राजनीतिक स्टंट भी।
और बाइ दि वे अगर कोई गिरा भी दे और हम सक्षम हैं तो हम पहले से भी ज़्यादा मज़बूत होकर उभरेंगे जैसे कि जापान उभरा।
‘कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन दौरे ज़मां हमारा‘
अल्लामा इक़बाल पूरी तसल्ली देकर गए हैं मियां।
बहुत सोच लिया राष्ट्रवादी बनकर और फ़ालतू में डरकर और डराकर अब तो आप यह देखें