Monday, June 20, 2011

ज्ञान के मोती



हज़रत अली रज़ियल्लाहु अन्हु ने फ़रमाया है कि
1. जो शख्स जल्दबाज़ी के साथ हरेक बात का जवाब देता है, वह ठीक जवाब बयान नहीं कर सकता।
2. जो शख्स हक़ (सत्य) की मुख़ालिफ़त करता है, हक़ तआला (परमेश्वर) ख़ुद उसका मुक़ाबला करता है।
3. जो शख्स अपने हरेक काम को पसंद करता है, उसकी अक्ल में नक्स (विकार) आ जाता है।
4. बुरे काम पर राज़ी होने वाला मानो उस का करने वाला है।
5. ऐसा बहुत कम होता है कि जल्दबाज़ नुक्सान न उठाए और सब्र करने वाला कामयाब न हो।
6. जिस शख्स के दिल में जितना ज़्यादा (नाजायज़) लालच होता है, उसको अल्लाह तआला पर उतना ही कम यक़ीन होता है।
स्रोत : राष्ट्रीय सहारा उर्दू, पृ. 7 दिनांक 20 जून २०११

8 comments:

शालिनी कौशिक said...

aisee prastuti ke liye aabhar.

DR. ANWER JAMAL said...

@ शालिनी जी ! आप जैसी पाठिका के लिए भी हमारे दिल में बहुत आभार है।
धन्यवाद !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपने बहुत उपयोगी पोस्ट लगाई है!

सुधाकल्प said...

ज्ञान की बहती नदिया से हमने भी कुछ मोती चुन लिये हैं।
सुधा भार्गव

नुक्‍कड़ said...

अच्‍छा भी
सच्‍चा भी।

वाणी गीत said...

लालच ईश्वर से दूर करता है , पाखंड के करीब !

संजय भास्कर said...

उपयोगी पोस्ट ...

Sanjeev said...

Nice post