Tuesday, May 3, 2011

पॉलिटिक्स को समझने के लिए Confuse होना बहुत ज़रूरी है - Alok Puranik


(व्यंग्य) 
-----------
लादेन से जुड़े तमाम प्रश्नों के उत्तर इस प्रकार हैं :
सवाल- लादेन को क्यों मारा गया ? लादेन तो पाकिस्तान का दोस्त था। अमेरिका भी पाकिस्तान का दोस्त है। फिर दोस्त के दोस्त को क्यों मारा ?
जवाब- पाकिस्तान लादेन का दोस्त था। पर इसका मतलब यह नहीं कि पाकिस्तान अमेरिका का भी दोस्त है। मतलब वैसे तो पाकिस्तान अमेरिका का दोस्त है, पर वैसे नहीं भी है। लादेन पाकिस्तान का दोस्त था, पर वैसे नहीं भी था।
सवाल- थोड़ा-सा और क्लियर कीजिए, अब कौन किसके साथ है ? आईएसआई सीआईए के साथ है, या वह लादेन के साथ थी? पाकिस्तान की आर्मी अमेरिकन आर्मी के साथ है, या वह लादेन के साथ थी? जरदारी लादेन के साथ थे, या वह अमेरिका के साथ थे ?
जवाब- जरदारी कहां किसके साथ हैं, यह बात तो खुद जरदारी को नहीं पता। अलबत्ता आईएसआई यूं तो अमेरिका के साथ है, पर वैसे तालिबान के साथ भी है, जो लादेन के साथ थे। लादेन यूं आईएसआई के साथ था, पर वह सीआईए के साथ नहीं था। सीआईए यूं पाकिस्तान के साथ थी, पर यूं नहीं भी थी..।
सवाल- साफ-साफ बताइए। कनफ्यूज न कीजिए। 
जवाब- देखिए, अमेरिकन पॉलिसी को आप बिना कनफ्यूज हुए समझ नहीं सकते। पाकिस्तान की पूरी पॉलिटिक्स को समझने के लिए भी कनफ्यूज होना बहुत  ज़रूरी है।
सवाल- लादेन को अब क्यों मारा गया ?
जवाब- बिल्कुल सही सवाल। अब तो लादेन वीडियो फिल्मों के प्रोड्यूसर हो गए थे। हर महीने दो महीने पर एक नया वीडियो जारी कर देते थे। अब तक तो उनका इस क्षेत्र में प्रमोशन हो जाना चाहिए था।
सवाल- तीन पत्नियों के साथ आराम से रह रहे थे लादेन, यह खबर गलत नहीं लगती क्या ?
जवाब- इस पूरे मसले पर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण सवाल यह है कि लादेन तीन पत्नियों के साथ भी आराम से कैसे रह रहे थे। इंडिया में एक ही पत्नी के साथ रहना मुश्किल है। लादेन को मरने से पहले इसका खुलासा करना चाहिए था। क्या पता, खुलासा किया भी हो, बाद में सामने आए। 

1 comment:

एम सिंह said...

हा हा..
बहुत शानदार व्यंग्य.
आलोक जी की शैली गजब है.